रायपुर
: छत्तीसगढ़ को
यूनिटी मॉल परियोजना
के लिए केंद्र सरकार से
200 करोड़ रुपये
की वित्तीय सहायता मिली है। यह राशि राज्य में मॉल के निर्माण और इससे जुड़े बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए दी गई है। यूनिटी मॉल का उद्देश्य राज्यों के विशिष्ट उत्पादों, हस्तशिल्प, और परंपरागत वस्त्रों को बढ़ावा देना और एक राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें पहचान दिलाना है।
क्या है यूनिटी मॉल परियोजना?
यूनिटी मॉल
का निर्माण केंद्र सरकार की
"एक जिला, एक उत्पाद (ODOP)"
योजना के तहत किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य:
स्थानीय उत्पादों
को प्रोत्साहित करना।
हस्तशिल्प और कुटीर उद्योगों
को बढ़ावा देना।
स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (SMEs)
को बाजार उपलब्ध कराना।
पर्यटकों और निवेशकों
को आकर्षित करना।
छत्तीसगढ़ यूनिटी मॉल:
यह मॉल
रायपुर
में बनाया जाएगा, जिसे राज्य का सबसे बड़ा व्यापारिक और सांस्कृतिक केंद्र बनाया जाने का लक्ष्य है।
मॉल में छत्तीसगढ़ के
हस्तशिल्प, बस्तर आर्ट, बेल मेटल शिल्प
, और
कोसा सिल्क
जैसे उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री की जाएगी।
इसके साथ ही मॉल में
खाद्य उत्पाद
, जैविक कृषि उत्पाद, और अन्य स्थानीय वस्तुओं का भी विशेष स्थान होगा।
वित्तीय सहायता का महत्व:
200 करोड़ रुपये
की पहली किस्त से मॉल के निर्माण का कार्य जल्द शुरू होगा।
इस राशि का उपयोग मॉल की
डिजाइनिंग, कंस्ट्रक्शन, और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट
में किया जाएगा।
परियोजना को 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
रोजगार और आर्थिक लाभ
मॉल के निर्माण और संचालन से
हजारों लोगों को रोजगार
मिलने की संभावना है।
स्थानीय उत्पादकों
को उनके उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाने का अवसर मिलेगा।
यह मॉल राज्य की
अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
देगा और
पर्यटन
के क्षेत्र में भी मददगार साबित होगा।