छत्तीसगढ़ में
शराब घोटाले
को लेकर चल रही जांच के बीच पूर्व मंत्री
कवासी लखमा
और उनके बेटे हरीश लखमा की गिरफ्तारी ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। मुख्यमंत्री
विष्णुदेव साय
ने इस मामले में बयान देते हुए कहा कि कानून सबके लिए समान है और घोटाले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
क्या है मामला?
छत्तीसगढ़ में
शराब घोटाला
पिछले कुछ महीनों से बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है।
ED (प्रवर्तन निदेशालय)
और
ACB (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो)
की जांच में कई बड़े नाम सामने आए हैं।
कवासी लखमा और उनके बेटे पर आरोप है कि उन्होंने शराब के कारोबार में नियमों का उल्लंघन करते हुए करोड़ों की हेराफेरी की।
सीएम साय का बयान
मुख्यमंत्री ने कहा,
"शराब घोटाले में किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी बड़ा नेता क्यों न हो। सरकार पारदर्शी तरीके से जांच करवा रही है।"
उन्होंने आगे कहा,
"यह गिरफ्तारी भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस नीति का उदाहरण है।"
कांग्रेस का पलटवार
कांग्रेस ने इसे
राजनीतिक बदले की कार्रवाई
करार दिया है।
पार्टी के नेताओं का कहना है कि भाजपा सरकार
जांच एजेंसियों का दुरुपयोग
कर रही है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा,
"लखमा जी पर लगे आरोप बेबुनियाद हैं। यह भाजपा की साजिश है।"
भाजपा का जवाब
भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के संरक्षण का आरोप लगाया।
पार्टी ने कहा कि लखमा की गिरफ्तारी जांच का हिस्सा है और इसमें राजनीति जैसा कुछ नहीं।
आगे की कार्रवाई
पुलिस और ED दोनों मिलकर लखमा से पूछताछ कर रही हैं।
घोटाले से जुड़े अन्य संदिग्धों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है।