भारत के सबसे धनी राज्य महाराष्ट्र और झारखंड में 20 नवंबर को विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। महाराष्ट्र की सभी 288 विधानसभा सीटों पर एक चरण में मतदान हो रहा है, जबकि झारखंड की 38 शेष सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं। झारखंड में इससे पहले 13 नवंबर को 43 सीटों के लिए 64.86% मतदान हुआ था।
इसके अलावा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, केरल और उत्तराखंड की 15 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव भी आज आयोजित किए जा रहे हैं।
महाराष्ट्र में मतदान
महाराष्ट्र में मतदान सुबह
7 बजे शुरू
होकर शाम
6 बजे
तक चलेगा।यहां कुल
9.64 करोड़ मतदाता
पंजीकृत हैं,जिनमें
1,16,355 सर्विस वोटर
शामिल हैं।चुनाव आयोग ने
1,00,186 मतदान केंद्र
स्थापित किए हैं।महाराष्ट्र की राजनीति पिछले चुनावों के बाद से कई बदलावों से गुजरी है।पहले जहां बीजेपी और शिवसेना ने कांग्रेस और एनसीपी के खिलाफ गठबंधन में चुनाव लड़ा था,वहीं मुख्यमंत्री पद को लेकर विवाद के चलते
बीजेपी-शिवसेना गठबंधन टूट
गया।इसके बाद महा विकास अघाड़ी (एमवीए) का गठन हुआ,जिसमें कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) शामिल हैं।
झारखंड में चुनावी माहौल
झारखंड में मतदान सुबह
7 बजे
शुरू होकर ज्यादातर बूथों पर 5 बजे तक चलेगा।हालांकि, 31 बूथों पर मतदान 4 बजे समाप्त हो जाएगा।झारखंड में कुल 14,218 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं।राज्य में झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम)-नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन और बीजेपी-नेतृत्व वाले एनडीए के बीच कड़ा मुकाबला है।
मुख्य चुनावी आंकड़े
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव
- बीजेपी-नेतृत्व वाला महायुति गठबंधन सत्ता बरकरार रखने की कोशिश कर रहा है।- महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सत्ता में वापसी के लिए मैदान में उतरा है।
- 4,136 उम्मीदवार
मैदान में हैं,जिनमें
2,086 निर्दलीय
शामिल हैं।- महायुति में बीजेपी 149, शिवसेना 81, और अजित पवार की एनसीपी 59 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।- एमवीए में कांग्रेस 101, शिवसेना (उद्धव गुट) 95, और शरद पवार की एनसीपी 86 सीटों पर उम्मीदवार खड़े कर रही है।
झारखंड विधानसभा चुनाव
- 38 सीटों में से 18 सीटें संताल परगना क्षेत्र में हैं, जो 6 जिलों में फैली हुई हैं।
- प्रमुख उम्मीदवारों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, उनकी पत्नी कल्पना सोरेन, और बहन सीता सोरेन शामिल हैं।
- बीजेपी ने बाबूलाल मरांडी जैसे दिग्गज उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं।
- एनडीए ने अपने प्रचार अभियान में क्षेत्र में घुसपैठ और सुरक्षा के मुद्दों को उठाया है।
उपचुनावों की स्थिति
- उत्तर प्रदेश की 9 सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं, जिनमें गाजियाबाद, सिसामऊ, और खैर प्रमुख हैं।
- इन चुनावों में कुल 90 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें से गाजियाबाद में सबसे ज्यादा 14 उम्मीदवार हैं।
- यह चुनाव इंडिया ब्लॉक और एनडीए के लिए लोकसभा चुनाव के बाद पहला बड़ा राजनीतिक परीक्षण होगा।
मतदाताओं के लिए विशेष व्यवस्था
चुनाव आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य चुनाव अधिकारियों को निर्देश दिया है कि
- मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए अच्छी सड़कें सुनिश्चित करें।
- केंद्रों पर न्यूनतम आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराएं।
- दिव्यांगजनों और बुजुर्ग मतदाताओं के लिए विशेष प्रबंध किए जाएं।
महाराष्ट्र और झारखंड चुनाव का महत्व
इन चुनावों के नतीजे देश की राजनीति में नई दिशा तय करेंगे।जहां महाराष्ट्र में गठबंधन और राजनीतिक समीकरणों की परीक्षा है,वहीं झारखंड में क्षेत्रीय दलों और राष्ट्रीय पार्टियों के बीच टक्कर का अंदाजा लगाया जाएगा।वहीं, उपचुनावों के परिणाम आगामी लोकसभा चुनावों के लिए संकेतक साबित हो सकते हैं।