: राशन कार्ड में KYC अपडेट: अब भी मौका, घबराएं नहीं
Fri, Nov 15, 2024
राशन कार्ड के KYC अपडेट का मतलब है कि आपकी पहचान और पते का प्रमाण दोबारा अपलोड करना। यह प्रक्रिया पूरे राज्य में चल रही थी, और यह बताया गया था कि जिनका KYC अपडेट नहीं होगा, उनका राशन कार्ड रद्द किया जा सकता है। हालांकि, वर्तमान में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया गया है। सरकार ने KYC अपडेट के लिए 31 अक्टूबर की अंतिम तिथि निर्धारित की थी, और यह समय समाप्त हो चुका है। लेकिन राहत की बात यह है कि जिन लोगों का KYC अभी तक अपडेट नहीं हुआ है, वे अब भी इसे कर सकते हैं क्योंकि पोर्टल में KYC अपडेट का ऑप्शन बंद नहीं हुआ है।
सरगुजा जिले में कुल 2 लाख 87 हजार राशन कार्ड धारक हैं,जिनमें 9 लाख 16 हजार 526 सदस्य जुड़े हुए हैं।अब तक जिले में 7 लाख 57 हजार 290 लोगों का KYC अपडेट हो चुका है।इसका मतलब है कि अभी भी 1 लाख 58 हजार 710 लोगों का KYC अपडेट नहीं हो पाया है,यानी लगभग 83% लोगों ने अपना KYC अपडेट कर लिया हैऔर 17% लोग अभी बाकी हैं। ऐसे लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।वे अपने नजदीकी राशन दुकान पर जाकर जल्द से जल्द अपना KYC अपडेट करा सकते हैं।जिला खाद्य अधिकारी चित्रकांत ध्रुव ने बताया कि भले ही अंतिम तिथि समाप्त हो चुकी है,फिर भी KYC अपडेट किया जा सकता है। खाद्य अधिकारी ने बताया कि सरकार के निर्देश पर सभी राशन कार्ड धारकों का KYC सत्यापन किया जा रहा था,और इसकी अंतिम तिथि 31 अक्टूबर थी। इस समय सीमा के अनुसार अपडेट का काम पूरा कर दिया गया है,लेकिन जिन लोगों ने अभी तक अपडेट नहीं कराया है,उनके लिए अभी भी मौका है।उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की तरफ से राशन कार्ड रद्द करने का कोई निर्देश नहीं आया हैऔर राशन का आवंटन भी सामान्य रूप से जारी है।आगे जो भी निर्देश मिलेंगे, उसी के अनुसार कार्यवाही की जाएगी।खाद्य अधिकारी ने ETV भारत के माध्यम से राशन कार्ड लाभार्थियों से अपील की हैकि पोर्टल में KYC अपडेट का विकल्प अभी भी उपलब्ध है,इसलिए जो लोग अब तक रह गए हैं,वे अपना KYC जल्द से जल्द अपडेट कर लें।
KYC अपडेट कैसे करें?
1. नजदीकी राशन दुकान जाएं:
अपना राशन कार्ड और आवश्यक पहचान पत्र के साथ नजदीकी राशन दुकान पर जाएं।
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दस्तावेज़ दिखाएं:
पहचान पत्र, पते का प्रमाण और राशन कार्ड को प्रस्तुत करें।
3. ऑनलाइन अपडेट:
कई दुकानों में डिजिटल सेवाएं उपलब्ध होती हैं जहां से ऑनलाइन KYC भी कराया जा सकता है।
4. प्रक्रिया पूर्ण करें:
दस्तावेज़ का सत्यापन कराकर KYC अपडेट का कार्य पूर्ण करवा लें।
KYC अपडेट के फायदे
- योजनाओं का लाभ जारी रहेगा:
KYC अपडेट करने से राशन योजनाओं का लाभ नियमित रूप से मिलता रहेगा।
- अधिकार संरक्षित:
KYC अपडेट के माध्यम से आप सरकारी सेवाओं और योजनाओं का सही लाभ उठा सकते हैं।सरकार और खाद्य विभाग की इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना हैकि सभी पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ मिले और किसी भी तरह की समस्या या योजना में बाधा न आए। इसलिए जिन लोगों का KYC अपडेट नहीं हुआ है,वे जल्द ही इसे पूरा करवा सकते हैं ताकि उनके राशन कार्ड का लाभ निरंतर जारी रहे।
: बस्तर जिले में सड़कों पर बढ़ते सड़क हादसे, आज एक और दुर्घटना में दो की मौत, 6 लोग घायल
Thu, Nov 14, 2024
बस्तर जिले में सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला लगातार जारी है, जिससे स्थानीय लोग चिंता में हैं। एक दुर्घटना का घाव ठीक नहीं होता कि दूसरी घटना सामने आ जाती है। आज सुबह किलेपाल में हुए एक सड़क हादसे में दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि छह लोग घायल हो गए। यह हादसा किलेपाल नेशनल हाईवे 63 पर हुआ, जब एक एंबुलेंस ट्रक से टकरा गई।
दुर्घटना की पूरी जानकारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक मरीज को किरंदुल एनएमडीसी अस्पताल,दंतेवाड़ा से रायपुर मेडिकल कॉलेज ले जाया जा रहा था। इसी दौरान,किलेपाल के राष्ट्रीय राजमार्ग पर एंबुलेंस एक खड़े ट्रक से टकरा गई।इस हादसे में दो मेडिकल स्टाफ की मौके पर ही मौत हो गई,जबकि छह अन्य लोग घायल हो गए। दुर्घटना सुबह करीब 5 बजे हुई।एंबुलेंस में मरीज के साथ आठ लोग सवार थे।जैसे ही हादसे की सूचना पुलिस को मिली,कोडेनार पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया।108 संजीवनी एक्सप्रेस की मदद से घायलों को डिमरपाल अस्पताल भेजा गया। साथ ही,कोडेनार पुलिस ने मृतक मेडिकल स्टाफ के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
सड़क दुर्घटनाओं का बढ़ता खतरा
पिछले छह दिनों में बस्तर जिले में सड़क हादसों में आठ लोगों की जान जा चुकी है।शनिवार को एक पिकअप वाहन पलटने से तीन महिलाओं की मौत हो गई।मंगलवार शाम को एक ट्रक से टकराने से तीन लोगों की मौत हुई,जिनमें एक मासूम बच्चा भी शामिल था।आज सुबह की घटना को मिलाकर बस्तर जिले में हाल ही में हुई दुर्घटनाओं में आठ लोगों की मौत हो चुकी है।
सड़क हादसों के कारण और समाधान
बस्तर जिले में सड़क हादसों के बढ़ते मामलों ने प्रशासन के सामने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।इन हादसों के कारणों की जांच की जा रही है, जिनमें ट्रकों का खड़ा होना,ओवरस्पीडिंग और सड़क पर सही सुरक्षा इंतजामों की कमी जैसी बातें शामिल हैं।इन हादसों में, पहले एक ट्रक द्वारा पिकअप को टक्कर, फिर एक ट्रक से बाइक की टक्कर और आज एक खड़े ट्रक से एंबुलेंस की टक्कर जैसी घटनाएं शामिल हैं।स्थानीय प्रशासन ने दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की बात कही है।इन हादसों में से अधिकांश ने सड़क सुरक्षा के उल्लंघन को उजागर किया है।प्रशासन को जल्द ही सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित करने के उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता है।
प्रशासन की ओर से उठाए गए कदम
घटना के बाद, पुलिस और अन्य बचाव दल मौके पर पहुंचे और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया।पुलिस ने मृतकों की पहचान प्रक्रिया शुरू कर दी हैऔर मामले की जांच भी की जा रही है।इसके साथ ही, प्रशासन ने सड़क सुरक्षा पर जोर देते हुए भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई करने की योजना बनाई है।बस्तर जिले में सड़क हादसों का बढ़ता सिलसिला प्रशासन के लिए एक चुनौती बन गया है।जहां एक ओर सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही है,वहीं दूसरी ओर प्रशासन को सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू करने की जरूरत है,ताकि ऐसी दुखद घटनाओं को भविष्य में टाला जा सके।
: सरकारी स्कूलों में भी अब पहली बार आयोजित होंगे प्री-बोर्ड परीक्षाएं
Thu, Nov 14, 2024
छत्तीसगढ़ सरकार ने निजी स्कूलों की तर्ज पर अब सरकारी स्कूलों में भी प्री-बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करने का निर्णय लिया है। सरकार ने एक आदेश जारी किया है, जिसके तहत अब सभी हाई और हायर सेकंडरी सरकारी स्कूलों में 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा से पहले, जनवरी के तीसरे सप्ताह में प्री-बोर्ड परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। इसका उद्देश्य परीक्षा परिणामों में सुधार लाना है, ताकि सरकारी स्कूलों के छात्र भी प्रतिस्पर्धात्मक रूप से मजबूत हो सकें।
निजी और सरकारी स्कूलों के बीच अंतर को खत्म करने का प्रयास
अक्सर देखा गया हैकि निजी स्कूल परीक्षा परिणामों को सुधारने के लिए विभिन्न उपाय अपनाते हैं,जिससे उनके छात्र अच्छे परिणाम प्राप्त करते हैं।दूसरी ओर, सरकारी स्कूलों में ऐसे उपाय नहीं अपनाए जाते, जिससे कई बार छात्र पीछे रह जाते हैं।इसी अंतर को समाप्त करने के लिए सरकार ने अब सरकारी स्कूलों में भी प्री-बोर्ड परीक्षाएं अनिवार्य कर दी हैं।
सभी DEO को सिलेबस पूरा करने का निर्देश
प्री-बोर्ड परीक्षा की तैयारी के तहत राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEOs) को निर्देश दिया गया हैकि वे 10वीं और 12वीं कक्षाओं का सिलेबस 10 जनवरी तक पूरा कर लें।इस आदेश में सभी स्कूलों को तुरंत तैयारी शुरू करने के लिए कहा गया है।प्रत्येक DEO को अब समय रहते परीक्षा की समय सारणी निर्धारित करनी हैऔर प्रश्न पत्रों की तैयारी के लिए एक विषयवार समिति बनानी होगी।
प्रश्न पत्र निर्माण के लिए समिति गठन और विशेषज्ञों की सलाह
बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन द्वारा निर्धारित ब्लूप्रिंट के अनुसार प्रश्न पत्र तैयार किए जाएंगे।प्रश्न पत्र निर्माण समिति के सदस्यों को विषय विशेषज्ञों द्वारा ब्लूप्रिंट पर प्रशिक्षण दिया जाएगा,जिससे परीक्षा में विद्यार्थियों को अधिकतम लाभ मिल सके। इस समिति में विषय विशेषज्ञों को शामिल करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है,ताकि प्रश्न पत्र गुणवत्तापूर्ण बन सके और छात्रों के स्तर के अनुसार हो।साथ ही, छात्रों को भी इस ब्लूप्रिंट से परिचित कराया जाएगा,जिससे वे बोर्ड परीक्षा की तैयारी को सही दिशा में आगे बढ़ा सकें।
त्योहारी अवकाश के बाद तेज हुई पढ़ाई
दिवाली और दशहरा अवकाश के बाद स्कूलों में पढ़ाई अब तेजी पकड़ रही है।हालांकि, फिलहाल 10वीं और 12वीं की बोर्ड कक्षाओं की पढ़ाई पूरी नहीं हुई है।कई शिक्षक अन्य गतिविधियों में व्यस्त थे;कुछ को बीएलओ (BLO) की ड्यूटी दी गई थी,तो कुछ अन्य कार्यों में संलग्न थे।इस स्थिति में शिक्षकों पर कोर्स पूरा करने का दबाव बढ़ गया है।यदि पढ़ाई एक महीने में पूरी नहीं होती है,तो छात्रों के लिए प्री-बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
प्राचार्य का बयान: छात्रों के लिए लाभकारी होगा प्री-बोर्ड
सरकारी बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, साडा के प्राचार्य रंधीर सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा जारी आदेश के बाद अब सभी सरकारी स्कूलों में प्री-बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करनी अनिवार्य होंगी।अब तक सभी सरकारी स्कूलों में प्री-बोर्ड नहीं होते थे,लेकिन यह व्यवस्था अब लागू कर दी गई है।प्राचार्य ने बताया कि प्री-बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन जनवरी के तीसरे सप्ताह में किया जाएगा और कोर्स को 10 जनवरी तक पूरा करना अनिवार्य कर दिया गया है।प्राचार्य ने यह भी कहा कि छात्रों के परीक्षा के भय को कम करने और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने के उद्देश्य से दिसंबर 15 तक कोर्स पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।इससे प्री-बोर्ड परीक्षा के माध्यम से छात्रों को बोर्ड परीक्षा की तैयारी करने में आसानी होगी,जिससे वे परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे। इस नई व्यवस्था से परीक्षा परिणामों में निश्चित रूप से सुधार आएगाऔर छात्रों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।सरकारी स्कूलों में प्री-बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन शिक्षा के स्तर को सुधारने और छात्रों को बोर्ड परीक्षाओं के लिए तैयार करने का महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल से सरकारी और निजी स्कूलों के बीच का अंतर कम होगा और सरकारी स्कूलों के छात्रों को भी प्रतियोगी माहौल मिलेगा।