छत्तीसगढ़ में इस साल धान खरीदी ने ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है। राज्य में कुल धान खरीदी का आंकड़ा 145 लाख मीट्रिक टन से अधिक पहुंच गया है, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किसानों, सहकारी समितियों और अधिकारियों को इस उपलब्धि पर बधाई दी है।
किसानों की मेहनत लाई रंग
मुख्यमंत्री ने कहा, "यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ के किसानों की कड़ी मेहनत और राज्य सरकार की कृषि-हितैषी नीतियों का परिणाम है।" उन्होंने इसे "छत्तीसगढ़ की माटी की शक्ति" करार देते हुए किसानों को प्रोत्साहन देने का वादा किया।
धान खरीदी के रिकॉर्ड को लेकर मुख्य बातें
सरकारी समर्थन मूल्य पर खरीदी:
सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान खरीदी को प्राथमिकता दी, जिससे किसानों को उनकी फसल का उचित दाम मिला।
सुविधाजनक खरीदी प्रक्रिया:
सहकारी समितियों और धान मंडियों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया, जिससे किसानों को फसल बेचने में आसानी हुई।
नए रिकॉर्ड की स्थापना:
145 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदी का यह आंकड़ा राज्य के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है।
किसानों को धन्यवाद
मुख्यमंत्री साय ने कहा, "हमारे अन्नदाता किसानों ने इस उपलब्धि को संभव बनाया है। सरकार किसानों के कल्याण के लिए हर संभव प्रयास करती रहेगी।"
राज्य में कृषि क्षेत्र की प्रगति
छत्तीसगढ़ को "धान का कटोरा" कहा जाता है, और यह रिकॉर्ड इस बात का प्रमाण है कि राज्य का कृषि क्षेत्र लगातार प्रगति कर रहा है। बेहतर सिंचाई व्यवस्था, उर्वरक आपूर्ति, और सरकारी योजनाओं ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
आर्थिक प्रभाव
इतनी बड़ी मात्रा में धान खरीदी से न केवल किसानों को आर्थिक स्थिरता मिलेगी, बल्कि यह राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा।