: कोरबा नगर निगम चुनाव: 10 साल पहले भाजपा पार्षद बनीं, अब संजू देवी राजपूत को मिला मेयर पद का टिकट

छत्तीसगढ़ में निकाय चुनाव के दौरान भाजपा ने कोरबा नगर निगम के मेयर पद के लिए संजू देवी राजपूत को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। संजू देवी ने 10 साल पहले पार्षद के रूप में अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी और अब उन्हें पार्टी ने मेयर पद के लिए उम्मीदवार बनाकर बड़ा मौका दिया है।

कौन हैं संजू देवी राजपूत?

संजू देवी राजपूत कोरबा की राजनीति में एक चर्चित नाम हैं। वह 2013 में पहली बार भाजपा के टिकट पर वार्ड पार्षद चुनी गई थीं। पार्षद के रूप में उन्होंने अपने क्षेत्र में कई विकास कार्य कराए और जनता के बीच लोकप्रियता हासिल की।
  • पार्टी से जुड़ाव: संजू देवी का भाजपा के साथ जुड़ाव काफी पुराना है। वह पार्टी की जमीनी कार्यकर्ता के तौर पर सक्रिय रही हैं।

  • महिला सशक्तिकरण की मिसाल: संजू देवी ने अपनी कार्यशैली से महिलाओं के बीच मजबूत पकड़ बनाई है।

क्यों बनाया गया उम्मीदवार?

भाजपा ने संजू देवी को उम्मीदवार चुनने का फैसला उनकी छवि, अनुभव और जनता के बीच उनकी स्वच्छ छवि को ध्यान में रखकर लिया है।
  1. महिलाओं के बीच लोकप्रियता: महिला वर्ग में उनकी मजबूत पकड़ है।

  2. विकास कार्यों का ट्रैक रिकॉर्ड: पार्षद के रूप में उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों को पार्टी ने प्रमुखता दी।

  3. जातीय समीकरण: राजपूत समाज से होने के कारण पार्टी को उम्मीद है कि इससे कोरबा में जातीय समीकरण उनके पक्ष में होंगे।

भाजपा की रणनीति

निकाय चुनाव में भाजपा ने युवा और नए चेहरों को मौका देने की रणनीति अपनाई है। संजू देवी राजपूत को मेयर पद का प्रत्याशी बनाकर पार्टी ने यह संकेत दिया है कि वह जमीनी कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दे रही है।

चुनाव में मुख्य मुद्दे

  1. सफाई और स्वच्छता अभियान: जनता नगर निगम की सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रही है।

  2. जल संकट: पानी की समस्या को हल करना चुनाव में अहम मुद्दा रहेगा।

  3. यातायात और अतिक्रमण: ट्रैफिक जाम और अतिक्रमण की समस्याओं को लेकर भी चर्चा हो रही है।

कांग्रेस से सीधा मुकाबला

भाजपा की उम्मीदवार संजू देवी का सीधा मुकाबला कांग्रेस के उम्मीदवार से होगा। कोरबा नगर निगम पर पिछले कुछ समय से कांग्रेस का कब्जा है, और भाजपा इसे वापस हासिल करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है।

विज्ञापन

जरूरी खबरें