: मणिपुर हिंसा को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच बढ़ी तकरार, कांग्रेस ने नड्डा पर किया पलटवार

Admin Fri, Nov 22, 2024

मणिपुर हिंसा को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच तल्खी बढ़ती जा रही है। शुक्रवार को कांग्रेस ने बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के उस आरोप का जवाब दिया, जिसमें उन्होंने विपक्षी पार्टी पर मणिपुर मुद्दे पर राजनीतिक रूप से प्रेरित कहानी पेश करने का आरोप लगाया था।

नड्डा के आरोप पर कांग्रेस का तीखा पलटवार

कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने नड्डा पर पलटवार करते हुए कहाकि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मणिपुर मामले पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखा था।इसके जवाब में बीजेपी अध्यक्ष ने अब कांग्रेस अध्यक्ष को पत्र लिखा है।रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा, "नड्डा जी का पत्र हैरान करने वाला नहीं है,क्योंकि यह पूरी तरह से झूठ से भरा हुआ हैऔर यह एक 4D अभ्यास है – इनकार, विकृति, ध्यान भटकाना और बदनाम करना।"

बीजेपी और कांग्रेस के बीच बढ़ी आरोप-प्रत्यारोप की लहर

कुछ दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राष्ट्रपति मुर्मू को पत्र लिखकर मणिपुर में सरकार की नाकामी और वहां की स्थिति में राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग की थी।इसके बाद नड्डा ने खड़गे पर पलटवार किया था, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार पर मणिपुर संकट को शांत करने में पूरी तरह से विफल रहने का आरोप लगाया था।नड्डा ने यह भी कहा था कि कांग्रेस के नेतृत्व में मणिपुर में स्थानीय मुद्दों से निपटने में जो पूर्ण विफलता हुई थी, उसके दुष्परिणाम आज भी महसूस किए जा रहे हैं।

कांग्रेस की ओर से मणिपुर में शांति की अपील

जयराम रमेश ने कहा कि मणिपुर के लोग चाहते हैं कि जल्द से जल्द राज्य में सामान्य स्थिति, शांति और सद्भाव लौटे।उन्होंने कहा कि इस दिशा में कांग्रेस सरकार से चार प्रमुख सवाल पूछ रही है:
  1. प्रधानमंत्री कब मणिपुर का दौरा करेंगे?

  2. मुख्यमंत्री तब तक राज्य में अत्याचार क्यों कर रहे हैं, जब राज्य के अधिकांश विधायक उनका समर्थन नहीं करते?

  3. मणिपुर के लिए एक पूर्णकालिक राज्यपाल कब नियुक्त किया जाएगा?

  4. गृह मंत्री मणिपुर में अपनी भारी नाकामी के लिए जिम्मेदारी कब लेंगे?

नड्डा के पत्र में कांग्रेस पर गंभीर आरोप

बीजेपी अध्यक्ष नड्डा ने अपने पत्र में खड़गे से कहा कि कांग्रेस पार्टी मणिपुर की स्थिति को बार-बार सनसनीखेज बनाने की कोशिश कर रही है।नड्डा ने आरोप लगाया कि खड़गे यह भूल गए हैंकि उनकी सरकार ने भारत में विदेशी आतंकवादियों के अवैध ठहरने को वैध कर दिया थाऔर उस समय के गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने उनसे समझौते भी किए थे।

मणिपुर हिंसा की भयावहता

मणिपुर में मई 2023 से जारी जातीय हिंसा में अब तक 220 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।यह हिंसा इम्फाल घाटी में मैतई समुदाय और पड़ोसी पहाड़ी क्षेत्रों में कुकी-जो समूह के बीच जातीय संघर्ष का परिणाम है।इस हिंसा ने पूरे उत्तर-पूर्वी भारत में चिंताओं का माहौल पैदा कर दिया है।

राजनीतिक संघर्ष के बीच मणिपुर की स्थिति पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता

कांग्रेस और बीजेपी के बीच यह राजनीतिक झगड़ा मणिपुर की जटिल स्थिति को लेकर है,जिसमें राज्य की जातीय हिंसा को लेकर दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।ऐसे में, यह समय है जब मणिपुर में शांति, स्थिरता और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए सभी राजनैतिक दलों को एकजुट होकर काम करना चाहिए।

कांग्रेस की शांति की मांग और बीजेपी का बचाव

जहां कांग्रेस मणिपुर में शांति और समरसता की मांग कर रही है, वहीं बीजेपी का तर्क हैकि यह कांग्रेस के कार्यकाल में उत्पन्न हुए मुद्दों का परिणाम है।इस मामले में दोनों दलों की राजनीति के बीच मणिपुर की जनता की सुरक्षा और शांति का मुद्दा सबसे महत्वपूर्ण है,और यह समय की मांग है कि इस संकट को सुलझाने के लिए राजनीतिक दल मिलकर एक साझा समाधान खोजें।इस संघर्ष और आरोप-प्रत्यारोप के बीच मणिपुर के लोग सिर्फ शांति की उम्मीद कर रहे हैं और राज्य में एक स्थिर वातावरण की जरूरत महसूस कर रहे हैं।

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