: महावीर जयंती 2024 की शुभकामनाएँ
Thu, Jun 13, 2024
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यह जैन धर्म का सबसे प्रमुख पर्व है। जो अंतिम तीर्थंकर महावीर के जन्म की स्मृति में मनाया जाता है। चैत्र शुक्ल पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस वर्ष का शुभ अवसर 21 अप्रैल को खुशी से मनाया जाएगा। यह इस आध्यात्मिक नेता के जीवन और शिक्षाओं पर विचार करने और उनका सम्मान करने का समय है।
अवतरण दिवसभगवान महावीर जी का जन्म 599 ईसा पूर्व कुंडग्राम, बिहार, भारत में हुआ था जोकि वैशाली (बिहार) के वासोकुण्ड को यह स्थान माना जाता है | इनका जन्म २३वें तीर्थंकर पार्श्वनाथ जी के निर्वाण (मोक्ष) प्राप्त करने के 188 वर्ष बाद हुआ था।
जैन ग्रन्थों
के अनुसार जन्म के बाद देवों के मुखिया, इन्द्र ने मेरु पर्वंत पर ले जाकर बालक का क्षीर सागर के जल से अभिषेक कर नगर में आया | वीर और श्रीवर्घमान यह दो नाम रखा गया इसे ही जन्म कल्याणक कहते है। हर तीर्थंकर के जीवन में पंचकल्याणक मनाए जाते है। गर्भ अवतरण के समय तीर्थंकर महावीर की माता त्रिशला ने शुभ स्वप्न देखे थे जिनका फल राजा सिद्धार्थ ने बताया था।
इस महोत्सव पर जैन मंदिरों को विशेष रूप से सजाया जाता है। भारत में जैन समुदाय द्वारा अहिंसा रैली निकाली जाती है। और महावीर जयंती मनाया जाता है
महावीर जन्म कल्याणक जैन धर्म के भीतर धर्म के सार पर प्रकाश डालता है, अहिंसा (अहिंसा), सत्य (सत्य), अस्तेय (चोरी न करना), ब्रह्मचर्य (शुद्धता) और अपरिग्रह (गैर-लगाव) जैसे सिद्धांतों पर जोर देता है। यदि आप इस दिन को मना रहे हैं, तो यहां ऋषि वर्धमान की शिक्षाओं का सम्मान करने के लिए कुछ शुभकामनाएं और संदेश हैं। महावीर जयंती के अवसर पर भगवान महावीर का दिव्य आशीर्वाद आपके जीवन को शांति, खुशी और समृद्धि से भर दे। आप पर भगवान की दया रहे। महावीर जयंती पर, भगवान महावीर की शिक्षाएं आपको शांति, करुणा और अहिंसा का जीवन जीने के लिए प्रेरित करें। आपको मंगलमय दिन की शुभकामनाएँ।
आपको महावीर जयंती की हार्दिक शुभकामनाएँ! भगवान महावीर की शिक्षाएँ आपको धार्मिकता और आध्यात्मिक ज्ञान से भरे जीवन की ओर मार्गदर्शन करें।महावीर जयंती पर हार्दिक शुभकामनाएँ भेज रहा हूँ। भगवान महावीर का दिव्य आशीर्वाद आपको धार्मिकता और आंतरिक शांति के मार्ग पर ले जाए।
दस अतिशय
जैन ग्रंथों के अनुसार तीर्थंकर भगवान के जन्म से ही दस अतिशय होते है।
पसीना न आना
निर्मल देह
दूध की तरह सफ़ेद रक्त
अद्भुत रूपवान शरीर
सुगंध युक्त शारीर
उत्तम संस्थान (शारीरिक संरचना)
उत्तम सहनन
सर्व 1008 सुलक्षण युक्त शरीर
अतुल बल
प्रियहित वाणी
यह अतिशय उनके द्वारा पूर्व जन्म में किये गए तपश्चर्ण के फल स्वरुप प्रकट होते है। [caption id="attachment_3357" align="alignnone" width="1024"]
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: मध्यप्रदेश में पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा का शुभारंभ: तेजी से जुड़े अब शहर
Thu, Jun 13, 2024
पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा की शुरुआत
मध्यप्रदेश में पर्यटन और संपर्क को एक नया आयाम देते हुए पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा की शुरुआत हो गई है, इस नई सेवा के तहत अब भोपाल से इंदौर का सफर मात्र 55 मिनट में पूरा हो सकेगा।
इस महत्वपूर्ण पहल का उद्घाटन भोपाल एयरपोर्ट से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने फ्लैग ऑफ कर किया, इस मौके पर उन्होंने पहली उड़ान को हरी झंडी दिखाते हुए रवाना किया और यात्रियों को बोर्डिंग पास भी वितरित किए।
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मध्यप्रदेश में पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा का शुभारंभ: तेजी से जुड़े अब शहर[/caption]
शहरों के बीच मजबूत संपर्क
इस सेवा की शुरुआत से भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, रीवा, खजुराहो और सिंगरौली के बीच हवाई संपर्क स्थापित हो गया है, इन शहरों के बीच 2 एयरक्राफ्ट उड़ान भरेंगे, शुरूआती 30 दिनों तक यात्रियों को 50% डिस्काउंट का लाभ मिलेगा, जिससे यात्रा और भी किफायती हो जाएगी।
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विस्तृत उड़ान योजना
सीएम डॉ. यादव ने भोपाल से जबलपुर जाने वाली पहली फ्लाइट को फ्लैग ऑफ किया, जो रीवा और सिंगरौली तक जाएगी।
विभिन्न शहरों के बीच उड़ानों की योजना इस प्रकार है:
- रीवा:
सोमवार और गुरुवार को इंदौर, जबलपुर और भोपाल से जुड़ेगा।
- ग्वालियर:
मंगलवार को इंदौर, भोपाल-उज्जैन और शनिवार को भोपाल से जुड़ेगा।
- उज्जैन:
मंगलवार को इंदौर, भोपाल, ग्वालियर; बुधवार को इंदौर, भोपाल, जबलपुर और रविवार को इंदौर, भोपाल से जुड़ेगा।
- खजुराहो:
शुक्रवार को भोपाल और जबलपुर से जुड़ेगा।
ऑनलाइन बुकिंग और जानकारी
यात्रियों की सुविधा के लिए ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है, फ्लाई ओला की वेबसाइट
www.flyola.in
पर जाकर बुकिंग, ऑफर, शेड्यूल और किराए से जुड़ी सभी जानकारी प्राप्त की जा सकती है, इसके अलावा, इंदौर, भोपाल और जबलपुर के एयरपोर्ट पर भी बुकिंग काउंटर स्थापित किए गए हैं।
विस्तार की योजना
पर्यटन और संस्कृति के प्रमुख सचिव और टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 8 शहरों को हवाई सेवा के माध्यम से जोड़ा जा रहा है, भविष्य में इस सेवा का विस्तार और अधिक शहरों तक करने की योजना है, जिससे राज्य के पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी।
किफायती किराया
विभाग का दावा है कि एयर टैक्सी का किराया वंदे भारत ट्रेन के किराए के आसपास ही रहेगा। 50% डिस्काउंट के बाद यह किराया और भी सस्ता हो जाएगा, उदाहरण के लिए, भोपाल से इंदौर तक वंदे भारत ट्रेन से एग्जीक्यूटिव कार (ईसी) का किराया 1600 रुपए है, जबकि एयर टैक्सी का किराया 2062.50 रुपए है, हालांकि, कुछ उड़ानों का किराया अधिक हो सकता है, इसके पीछे तर्क यह है कि इन उड़ानों के स्टॉप अधिक होते हैं और ये 6 सीटर होती हैं।
मध्यप्रदेश में पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा का शुभारंभ: तेजी से जुड़े अब शहर
: मिड जुलाई में पेश होगा 2024-25 का पूर्ण बजट
Thu, Jun 13, 2024
मिड जुलाई में पेश होगा 2024-25 का पूर्ण बजट
केंद्र सरकार 2024-25 का पूर्ण बजट मिड जुलाई में पेश करने जा रही है, BT TV के सूत्रों के मुताबिक, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 17 जून तक विभिन्न मंत्रालयों और हितधारकों के साथ अपनी प्री-कंसल्टेशन बजट मीटिंग शुरू करेंगी, इस बजट को लेकर देशभर में खासा उत्साह है, क्योंकि यह आने वाले वर्ष के आर्थिक दिशा-निर्देश तय करेगा।
पहला सत्र और इसकी प्रक्रियाएँ
पार्लियामेंट्री अफेयर्स मिनिस्टर किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि 18वीं लोकसभा का पहला सत्र 24 जून से 3 जुलाई तक चलेगा, इस सत्र में नए निर्वाचित सदस्यों की शपथ ग्रहण होगी, इसके अलावा, स्पीकर का चुनाव, राष्ट्रपति का अभिभाषण और उस पर चर्चा भी शामिल होगी।[caption id="attachment_4056" align="alignnone" width="1024"]
मिड जुलाई में पेश होगा 2024-25 का पूर्ण बजट[/caption]
सत्र के बाद की योजनाएँ
पहले सत्र के अनिश्चितकालीन स्थगन की संभावना नहीं है, लेकिन दूसरे भाग की शुरुआत से पहले एक ब्रेक लिया जाएगा, सूत्रों के अनुसार, दूसरा भाग वित्त वर्ष 2023-24 के आर्थिक सर्वेक्षण की प्रस्तुति के साथ शुरू होगा, जिसके बाद वित्त वर्ष 2024-25 के लिए पूर्ण बजट पेश किया जाएगा।
बजट की प्राथमिकताएँ और अपेक्षाएँ
हालांकि केंद्र सरकार ने आगामी बजट के बारे में विशेष जानकारी नहीं दी है, लेकिन इसमें ₹2.11 ट्रिलियन के
RBI
डिविडेंड के उपयोग के बारे में विवरण शामिल होने की संभावना है, सरकार अपने सुधार एजेंडे को जारी रखेगी और अतिरिक्त व्यय के अवसरों की तलाश करेगी।
अंतरिम बजट और आगामी चुनौतियाँ
1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अंतरिम बजट पेश किया था, जिसमें 2026 तक 4.5% से कम और वित्त वर्ष 2025 में 5.1% का 'फिसकल कंसोलिडेशन पाथ' बनाए रखा गया, सरकार अगले सप्ताह अपनी प्री-कंसल्टेशन मीटिंग के दौरान इस लक्ष्य को संशोधित करने पर विचार कर सकती है।
पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा की शुरुआत
बजट की प्रक्रिया
बजट की तैयारी एक विस्तृत प्रक्रिया है, जो कई चरणों में पूरी होती है:
1. प्रारंभिक निर्देश:
वित्त मंत्रालय सभी मंत्रालयों, राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों, और स्वायत्त संस्थाओं को नए वित्त वर्ष के लिए अनुमान बनाने के निर्देश देता है, इन्हें पिछले वर्ष की खर्च और आमदनी का ब्योरा भी देना होता है।
2. जांच और चर्चा:
प्राप्त अनुमानों की पड़ताल और समीक्षा के बाद संबंधित मंत्रालयों और व्यय विभाग के अधिकारियों के साथ गहन चर्चा होती है, इसके बाद इन सिफारिशों को वित्त मंत्रालय को भेजा जाता है।
3. आवंटन:
वित्त मंत्रालय सभी सिफारिशों पर गौर करने के बाद विभागों को उनके खर्च के लिए राजस्व का आवंटन करता है, राजस्व और आर्थिक मामलों का विभाग हालात को गहराई से समझने के लिए किसानों, छोटे कारोबारियों और विदेशी संस्थागत निवेशकों से संपर्क करता है।
4. प्री-बजट मीटिंग्स:
वित्त मंत्री विभिन्न पक्षों के प्रस्तावों और मांगों को जानने के लिए उनसे मिलते हैं, इनमें राज्यों के प्रतिनिधि, बैंकर, कृषि विज्ञानी, अर्थशास्त्री और कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधि शामिल होते हैं।
5. हलवा सेरेमनी:
बजट पेश होने से कुछ दिन पहले हलवा सेरेमनी होती है, जिसमें वित्त मंत्रालय के स्टाफ के बीच हलवा बांटा जाता है, इसके साथ ही बजट की छपाई प्रक्रिया शुरू होती है, इस वर्ष बजट की प्रिंटिंग नहीं हुई, और संसद सदस्यों को उसकी सॉफ्ट कॉपी दी गई।
6. बजट पेश करना:
वित्त मंत्री 1 फरवरी को लोकसभा में बजट पेश करती हैं, इस साल पहली बार बजट के सभी दस्तावेज Union Budget मोबाइल ऐप पर उपलब्ध कराए गए।
वित्तीय प्रबंधन और सुधार
वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट में सरकार अपने सुधार एजेंडे को जारी रखेगी और अतिरिक्त व्यय के अवसरों की तलाश करेगी, इस बजट में आर्थिक स्थिरता और विकास के लिए विशेष योजनाओं की घोषणा की जा सकती है, जिससे देश के विभिन्न क्षेत्रों को लाभ होगा।इस प्रकार, 2024-25 का बजट देश की आर्थिक दिशा को निर्धारित करेगा और आर्थिक विकास को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की यह घोषणा आने वाले समय में देश की प्रगति के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।