: राम मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा बढ़ाई गई
Admin Tue, Nov 12, 2024
एक बार फिर राम मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। खालिस्तानी आतंकवादी और सिख फॉर जस्टिस के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू ने एक वीडियो जारी कर 16 और 17 नवंबर को राम मंदिर में हिंसा की धमकी दी है। पन्नू का कहना है कि अयोध्या, जो हिंदुत्व की विचारधारा का केंद्र है, वहां अशांति फैलाई जाएगी। इस धमकी के बाद राम मंदिर परिसर की सुरक्षा को और अधिक कड़ा कर दिया गया है।
धमकी के बाद सुरक्षा व्यवस्था सख्त
खालिस्तानी आतंकी पन्नू द्वारा जारी इस वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी राम मंदिर में पूजा करते हुए देखा जा सकता है।धमकी के मद्देनजर श्री राम जन्मभूमि परिसर को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सुरक्षा अधिकारियों ने पूरे परिसर का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है।एसपी सुरक्षा बलरामचारी दुबे ने एटीएस जवानों और पुलिस बल के साथ श्री राम जन्मभूमि के दर्शन पथ सहित पूरे परिसर का निरीक्षण किया।उन्होंने कहा कि परिसर की सुरक्षा पहले से ही अभेद्य है और यहां 24 घंटे निगरानी की जाती है।उच्च स्तरीय सतर्कता और सुरक्षा निरीक्षण
सीओ अयोध्या अशुतोष तिवारी ने बताया कि वीडियो का मामला संज्ञान में हैऔर अयोध्या तथा श्री राम जन्मभूमि की सुरक्षा व्यवस्था सख्त है।इस क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया गया है।आईजी प्रवीण कुमार ने कहा कि आतंकवादी पन्नू द्वारा वीडियो के माध्यम से धमकी की सूचना मिली है।ऐसे बयान पहले भी दिए गए हैं, और हम सुरक्षा व्यवस्था की फिर से समीक्षा कर रहे हैं।पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां
यह पहली बार नहीं है जब राम मंदिर को धमकी मिली हो। 22 अगस्त 2024 को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के हेल्प डेस्क मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप के माध्यम से भी धमकी दी गई थी। संदेश में कहा गया था कि मंदिर को जल्द ही नष्ट कर दिया जाएगा और वहां एक मस्जिद का निर्माण होगा। इस धमकी के बाद, यूपी एटीएस ने 14 सितंबर को बिहार के भागलपुर से आरोपी मोहम्मद मकसूद को गिरफ्तार किया था।
इससे पहले 28 मई को भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर धमकी भरी पोस्ट देखी गई थी।इसके बाद आपातकालीन नंबर 112 पर कॉल कर मंदिर को उड़ाने की धमकी दी गई।मामले की जांच में पाया गया कि 16 वर्षीय एक किशोर, जिसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी, इस धमकी के पीछे था।सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की सख्त कार्रवाई
लगातार धमकियों को देखते हुए प्रशासनिक और सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता बरत रही हैं।अयोध्या में चौबीसों घंटे गश्त की जा रही है, और परिसर में आने वाले हर व्यक्ति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।यूपी सरकार और केंद्र सरकार दोनों इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हर संभव कदम उठा रही हैंताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।सुरक्षा एजेंसियों ने जनता से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत जानकारी दें।विज्ञापन