: 18वीं लोकसभा के पहले सत्र का तीसरा दिन: लोकसभा अध्यक्ष
Admin Wed, Jun 26, 2024
आज 18वीं लोकसभा के पहले सत्र का तीसरा दिन है
और ओम बिरला को ध्वनिमत से लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए चुना गया है।भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के उम्मीदवार ओम बिरला के लोकसभा अध्यक्ष बनने का प्रस्ताव आज ध्वनिमत से पारित हुआ।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ओम बिरला को बधाई दी।यह दूसरी बार है जब ओम बिरला इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को संभालेंगे।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिरला के नाम का प्रस्ताव लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए रखा, जिसे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने समर्थन दिया।
इस प्रस्ताव को प्रोटेम स्पीकर (कार्यवाहक अध्यक्ष) भारत्तृहरि महताब ने सदन में वोट के लिए रखा |और सदन ने इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया।इसके बाद कार्यवाहक अध्यक्ष महताब ने ओम बिरला के लोकसभा अध्यक्ष के रूप में चुने जाने की घोषणा की।[caption id="attachment_4578" align="alignnone" width="1024"]प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विपक्ष के नेता राहुल गांधी और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बिरला को अध्यक्ष की सीट तक पहुँचाया।
जब बिरला ने अध्यक्ष की सीट ग्रहण की, तो मोदी, राहुल गांधी और रिजिजू ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओम बिरला को लोकसभा अध्यक्ष के रूप में चुने जाने पर बधाई दी और कहा, "मैं पूरे सदन को बधाई देता हूँ। हमें विश्वास है कि वह आने वाले पाँच वर्षों में हमारा मार्गदर्शन करेंगे।"आज प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "दूसरी बार लोकसभा अध्यक्ष पद संभालना अपने आप में एक रिकॉर्ड है।इससे पहले केवल बलराम जाखड़ ही दो बार लोकसभा अध्यक्ष रह चुके हैं।अधिकतर अध्यक्ष या तो चुनाव नहीं लड़ते या जीतते नहीं हैं, लेकिन आप (ओम बिरला) ने चुनाव जीता है।"प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यह भी कहा, "यह सदन का सौभाग्य हैकि आप दूसरी बार इस सीट को संभाल रहे हैं...आपको मेरी और पूरे सदन की ओर से शुभकामनाएं...अमृतकाल के इस महत्वपूर्ण दौर में दूसरी बार इस पद को संभालने की बड़ी जिम्मेदारी हैहमें विश्वास है कि आप आने वाले पाँच वर्षों में सभी का मार्गदर्शन करेंगे..."
इस प्रकार ओम बिरला के लोकसभा अध्यक्ष के रूप में फिर से चुने जाने से भारतीय लोकतंत्र को एक स्थिर और अनुभवी नेतृत्व मिलने की उम्मीद है।उनके नेतृत्व में संसद के कामकाज में पारदर्शिता और निष्पक्षता को और भी बढ़ावा मिलेगा।इस सकारात्मक दृष्टिकोण से, आने वाले पाँच वर्षों में भारतीय लोकतंत्र और मजबूत बनेगा।[embed]https://twitter.com/LokSabhaSectt/status/1805865250379776382[/embed]विज्ञापन