: झांसी अस्पताल अग्निकांड: 10 नवजातों की मौत, राहत और बचाव कार्य तेज

Admin Sat, Nov 16, 2024

शुक्रवार रात महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज, झांसी के नवजात गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में भयानक आग लगने से 10 नवजात बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरी संवेदना व्यक्त की है और पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।

घटना का विवरणशुक्रवार रात हुई इस त्रासदी में NICU वार्ड में आग लगने से 10 बच्चों की मौत हो गई।इस वार्ड की क्षमता 18 बिस्तरों की थी,जबकि यहां 49 बच्चे भर्ती थे।दम घुटने और जलने के कारण कई बच्चों की जान चली गई।डिप्टी सीएम का दौरा और जानकारीशनिवार सुबह उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक घटनास्थल पहुंचे।उन्होंने बताया कि अब तक सात बच्चों के शवों की पहचान हो चुकी है,जबकि तीन शवों की पहचान का प्रयास जारी है।प्रभावित परिवारों से संपर्क करने के लिए प्रशासन तेजी से काम कर रहा है।प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की संवेदनाएंप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना को हृदयविदारक बताते हुए गहरी संवेदना व्यक्त की।उन्होंने कहा, *"झांसी मेडिकल कॉलेज में हुआ अग्निकांड हृदयविदारक है।मासूम बच्चों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।ईश्वर उन्हें इस अपार दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।राज्य सरकार के अधीन स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्य में हर संभव प्रयास कर रहा है।"मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।उन्होंने पीड़ित परिवारों के लिए ₹5 लाख की सहायता राशि और घायल बच्चों के परिवारों को ₹50,000 की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।राहत और बचाव कार्यराज्य सरकार और जिला प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।झांसी के अस्पताल में हालात सामान्य करने और आग की वजह से प्रभावित अन्य मरीजों की देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।आग लगने के कारणों की जांच जारीइस भयानक घटना के पीछे के कारणों की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है।प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है।प्रशासन ने सुरक्षा उपायों की समीक्षा का आदेश दिया हैताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।प्रभावित परिवारों के लिए सहायतासरकार ने मृत बच्चों के परिवारों को मुआवजा प्रदान करने और घायलों की हर संभव मदद करने का वादा किया है।इस त्रासदी के बाद अस्पतालों में सुरक्षा उपायों को और सख्त बनाने की मांग उठ रही है।झांसी मेडिकल कॉलेज अग्निकांड ने चिकित्सा संस्थानों में सुरक्षा उपायों की गंभीरता पर ध्यान केंद्रित किया है।सरकार की तेज़ प्रतिक्रिया और सहायता की घोषणाएं सराहनीय हैं।यह सुनिश्चित करना आवश्यक हैकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता में रहे।

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