: धान खरीदी केंद्र पर हाथियों का खतरा, कर्मचारियों ने अपनाया देसी जुगाड़
Admin Mon, Dec 23, 2024
हाथियों का आतंक बढ़ा
धान खरीदी केंद्र जंगलों के नजदीक स्थित हैं, जिससे हाथी रात में वहां पहुंचकर धान को निशाना बना रहे हैं।रायगढ़ जिले के एक केंद्र में हाथियों ने 50 से अधिक धान की बोरियों को फाड़ दिया।
महासमुंद में हाथियों के कारण रात की शिफ्ट में काम करना कर्मचारियों के लिए जोखिम भरा हो गया है।
देसी जुगाड़ से कर रहे धान की सुरक्षा
केंद्रों पर हाथियों को रोकने के लिए कर्मचारियों ने गुड़, मिर्च और धुएं का इस्तेमाल करना शुरू किया है।मिर्च का धुआं: जलती लकड़ियों में लाल मिर्च डालकर हाथियों को भगाने की कोशिश की जा रही है।
गुड़ का लोभ: हाथियों को दूर ले जाने के लिए जंगल की ओर गुड़ डालकर उनका ध्यान भटकाया जा रहा है।
ध्वनि का उपयोग: ढोल, थाली और खाली ड्रम बजाकर हाथियों को डराने का प्रयास हो रहा है।
प्रशासन का रुख
प्रशासन ने किसानों और कर्मचारियों को हाथियों से बचने के निर्देश दिए हैं।वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी है।
किसानों और केंद्र के कर्मचारियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
CCTV और लाइटिंग जैसे तकनीकी उपायों पर विचार किया जा रहा है।
हाथी और मानव संघर्ष बढ़ा
छत्तीसगढ़ में हाथियों और मानव के बीच संघर्ष तेजी से बढ़ रहा है।जंगलों के कटाव और मानव हस्तक्षेप के कारण हाथी आबादी वाले इलाकों में आ रहे हैं।
इससे फसलों को नुकसान के साथ-साथ मानव जीवन पर भी खतरा बढ़ा है।
कर्मचारियों की मांग
केंद्र के कर्मचारियों ने सरकार से अतिरिक्त सुरक्षा के इंतजाम की मांग की है।रात की गश्त के लिए सुरक्षा कर्मी तैनात करने की अपील।
बिजली की तारों और बाड़ का निर्माण।
विशेष मुआवजा नीति लागू करने की मांग।
विज्ञापन