: राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में 20 डॉक्टरों का सामूहिक इस्तीफा, निजी प्रैक्टिस पर रोक के फैसले से नाराज
Admin Wed, Nov 6, 2024
राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 20 डॉक्टरों ने सामूहिक इस्तीफा देने का प्रस्ताव रखा है। डॉक्टरों ने अपने इस्तीफे की पेशकश करते हुए डीन को एक पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने सरकार द्वारा निजी प्रैक्टिस पर लगाई गई रोक को लेकर असंतोष व्यक्त किया है। डॉक्टरों का कहना है कि सरकारी फैसले की सख्ती ने उन्हें निजी प्रैक्टिस पर प्रतिबंध का सामना करने पर मजबूर किया है,
जो उनके अनुसार अनुचित है। डॉक्टरों ने मांग की हैकि सरकार इस निर्णय को वापस ले अन्यथा वे सामूहिक रूप से इस्तीफा देने के लिए बाध्य होंगे।इस इस्तीफे से कॉलेज में उथल-पुथल मच गई है।पिछले दिनों निजी प्रैक्टिस पर सरकार की ओर से जारी आदेश के बाद जिले में तीन डॉक्टर पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं।अब 20 डॉक्टरों का एक साथ इस्तीफा प्रस्ताव करना एक गंभीर स्थिति पैदा कर रहा है।डॉक्टरों ने यह पत्र कॉलेज के डीन को सौंपा है, हालांकि डीन के पास इसे स्वीकृत करने का अधिकार नहीं है।यह पत्र उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा और सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।डॉक्टरों के इस कदम से कॉलेज की अकादमिक मान्यता पर भी असर पड़ सकता है।मेडिकल कॉलेज के पीआरओ, डॉ. पवन जेतानी ने कहा कि अगर इतने बड़े पैमाने पर डॉक्टर इस्तीफा देते हैंतो इसका सीधा असर कॉलेज की शैक्षणिक गतिविधियों और मान्यता पर पड़ेगा।मुख्य समस्या यह हैकि डॉक्टरों को निजी प्रैक्टिस की अनुमति नहीं मिल रही है,जिससे उनका असंतोष बढ़ता जा रहा है।इस मामले को लेकर सभी वरिष्ठ अधिकारियों, जिनमें सीएमएचओ और कलेक्टर भी शामिल हैं,के साथ चर्चाएं की गई हैं।फिलहाल डॉक्टरों ने इस्तीफा देने की मंशा जाहिर की हैऔर अधिकारियों द्वारा उनसे बातचीत जारी है।अधिकारियों का कहना हैकि डॉक्टरों की कुछ छोटी मांगें, जिन्हें तुरंत पूरा किया जा सकता है, उन पर विचार किया जा रहा है।कुछ दिन पहले दुर्ग के चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज में भी इसी तरह की स्थिति उत्पन्न हुई थी, जहां 6 से अधिक डॉक्टरों ने एक साथ इस्तीफे की पेशकश की थी। अब राजनांदगांव में भी ऐसा ही मामला सामने आ रहा है, जो राज्य के स्वास्थ्य तंत्र के लिए एक चुनौतीपूर्ण स्थिति को दर्शाता है।
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